सेठों की मनमानी...
कानून व्यवस्था पानी पानी।
(चल रहा कारोबार....आ बैल मुझे मार।)
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| शटर उठा कर ग्राहक का इन्तजार। |
एक तरफ जहाँ जिले में प्रशासन कोरोना आपदा से लोगों को बचाने के लिऐ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं, अधिकारी और पुलिस बल सड़को पर दीन रात पसीना बहा रहे है, वहीं शहर के कुछ प्रतिष्ठित व्यवसायी जो बड़े रसूखदार हैं। खुलेआम कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते दिख रहे हैं। ऐसे में अगर प्रशासन सूचना के बाद भी कोई एक्शन नहीं लेता है तो मान लिया जाए की हमारा हमारी कानून व्यवस्था सिर्फ कुछ चुनिंदा गरीब लोगों के बीच ही सिमट कर रह जाती है। बड़े लोग हमेशा इस से खेलते नजर आते हैं.. जी हां हम बात कर रहे हैं बक्सर जिले के जिला मुख्यालय के बारे में।
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| खादी वाले की गाँधी गिरी। |
सूत्र बताते हैं की स्थानीय पीपी रोड के कई बड़े कपड़ा, लोहे टीवी फ्रिज, और अन्य सामानों की दुकानें हैं जो कि प्रशासन के तरफ से बंद रखने का आदेश के तहत आती हैं, वह भी खुलेआम ग्राहकों को सामान दे रहे हैं और कोरोना के संक्रमण जद में जाने को मजबूर कर रहे हैं।
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| मेन रोड में बंद कपडा दुकान से खरीदारी कर निकलते ग्राहक। |
यही हाल बक्सर के मेन रोड का भी है जहां लोग बाजारों में चोरी छुपे व्यापार कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या आखिर जिला प्रशासन की यह कानून व्यवस्था सिर्फ सड़कों तक ही सीमित होकर रह गई है या प्रशासन बड़े रसूखदार ऊपर हाथ डालने से डर रहा है वजह चाहे जो भी हो लेकिन इतना तो स्पष्ट है की प्रशासन से आंख मिचोली के इस व्यवस्था ने गरीब और अमीर दुकानदारों के बीच सरकार को लेकर सरकर और उनके बनाए नियमों को लेकर एक भ्रामकता पैदा कर दी है। जहां गरीब डर रहा है और अमीर डरा रहा है हास्यास्पद है की जिला की पुलिस चूड़ी बाजार और सब्जी मंडी में दुकानों को बंद करा कर और डंडे चलाकर भीड़ कम करानें का दावा करती है लेकिन हकीकत जो है वह पर्दे के पीछे है जो आप और हम तो देख सकते हैं लेकिन प्रशासन की नजर है वहां तक शायद नहीं जा पा रही है।
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| बंद दुकान से खरीदारी कर निकलते ग्राहक |
सूत्रों ने बताया कि जितने भी बड़े व्यवसाई हैं उनके कल कारखानों गोदाम और दुकानों पर तो ताले लगे हैं पर उनका धंधा बंद नहीं है कानून को ठेंगा दिखाते हुए वे सभी जगह बदल कर अपना काम बड़ी आसानी से कर रहे हैं। ऐसे में हम समाज और उसके द्वारा बनाई गई इस व्यवस्था की क्या बात करें जहां अपने ही अपनों को इस महामारी की जद में ढकेलने पर लगे हुए हैं। गौरतलब है की बंदी के अवधि में जिस प्रकार मुख्यालय में तीन थानों की पुलिस गस्त करते हुए सड़क पर परेड कर रही है वह सिर्फ दिखावा मात्र रह गया है। जिसका कोई भी असर शहर के बेशर्म हो चुके बड़े व्यवसायियों पर नहीं पड़ रहा।
इसलिए बक्सर कॉलिंग की टीम आपसे अनुरोध करती है की कम से कम आप अपनी जिम्मेदारी समाज के प्रति निभाए और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें मास्क का प्रयोग करें और उचित दूरी का पालन करें अगर अति आवश्यक है तभी बाजार जाएं अथवा घरों से निकले ऐसा करके आप खुद के साथ अपने परिवार और संबंधियों को भी सुरक्षित रखने में सफल होंगे..बाकि जो है सो तो हइऐ है..।
रिपोर्ट : सिटी रिपोर्टर, बक्सर






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